एयरपोर्ट की तर्ज पर विश्वस्तरीय बनेंगे बक्सर सहित 12 रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट की तरह सुविधा

एयरपोर्ट की तर्ज पर विश्वस्तरीय बनेंगे बक्सर सहित 12 रेलवे स्टेशनएयरपोर्ट की तर्ज पर विश्वस्तरीय बनेंगे बक्सर सहित 12 रेलवे स्टेशन
एयरपोर्ट की तर्ज पर विश्वस्तरीय बनेंगे बक्सर सहित 12 रेलवे स्टेशन

एयरपोर्ट की तर्ज पर विश्वस्तरीय बनेंगे बक्सर सहित 12 रेलवे स्टेशन: स्टेशन पुनर्विकास परियोजना के तहत विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए पूर्व मध्य रेलवे के 12 स्टेशनों को चिह्नित किया है. इसमें सोनपुर मंडल के मुजफ्फरपुर, बेगूसराय एवं बरौनी, समस्तीपुर मंडल के दरभंगा, सीतामढ़ी, बापूधाम मोतिहारी, दानापुर मंडल के राजेंद्रनगर एवं बक्सर, पं. दीन दयाल उपाध्याय मंडल के गया व पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन तथा धनबाद मंडल के धनबाद एवं सिंगरौली का चयन किया गया है.

यूपी व बिहार के बॉर्डर पर स्थित बक्सर रेलवे स्टेशन ऐतिहासिक व धार्मिक स्तर से अधिक महत्व है। विश्वामित्र की तपोभूमि व भगवान श्रीराम की कर्मभूमि से लेकर पंचकोशी मेला, चौसा का युद्ध आदि को लेकर कई मायनों में महत्वपूर्ण है। ऐसे रेलवे से ट्रेन में सफर करने वाले रेलयात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। क्योंकि रेलवे की पहल पर अब उन्हें एयरपोर्ट की तरह सुविधा मिलेगी।

मिली जानकारी के अनुसार  स्टेशन पुनर्विकास परियोजना के तहत विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में विकसित करने हेतु पूर्व मध्य रेल के कुल 12 स्टेशनों में बक्सर का भी नाम शामिल किया है। जिसका विकास विश्वस्तरीय होगा। जो एयरपोर्ट की तरह सुविधाजनक होगी। वैसे इस स्टेशन के साथ ही दानापुर मंडल के राजेन्द्रनगर एवं बक्सर, सोनपुर मंडल के मुजफ्फरपुर, बेगूसराय एवं बरौनी, समस्तीपुर मंडल के दरभंगा, सीतामढ़ी, बापूधाम मोतीहारीय पं. दीन दयाल उपाध्याय मंडल के गया एवं पं.दीन दयाल उपाध्याय जं तथा धनबाद मंडल के धनबाद एवं सिंगरौली का चयन किया गया है तथा इन स्टेशनों के पुनर्विकास हेतु प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है।

धार्मिक और पर्यटन दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बक्सर स्टेशन

धार्मिक एवं पर्यटन दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बक्सर स्टेशन के विकास को लेकर पहले से योजनाएं तैयार की जा रही। इस तरह बताया जा रहा है कि पुनर्विकास से जुड़े कार्य पूरा होने के बाद यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं प्राप्त होगी। इसकी जानकारी देते हुए मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वीरेन्द्र कुमार बताते हैं कि सबसे पहले पुनर्विकास का कार्य गया स्टेशन का होगा। इसके लिए निविदा भी निकल गई है। उन्नत यात्री सुविधाओं के साथ तकनीक, स्थानीय संस्कृति और समृद्ध विरासत का आकर्षक मेल बनेगा।

स्टेशन पुनर्विकास का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को संरक्षा, विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएं प्रदान करना है

इसी तर्ज पर बक्सर रेलवे स्टेशन का विकास होगा। स्टेशन पुनर्विकास का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को संरक्षा, बेहतर अनुभव एवं विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएं प्रदान करना है । स्टेशन को विश्वस्तरीय रूप देते हुए स्टेशनों को अत्याधुनिक सुविधा से सुसज्जित करते हुए स्टेशन को ग्रीन बिल्डिंग का रूप दिया जाएगा, जहां वेंटिलेशन आदि की पर्याप्त व्यवस्था होगी। स्टेशन पर एक्सेस कंट्रोल गेट एवं प्रत्येक प्लेटफार्म पर एस्केलेटर एवं लिफ्ट लगाए जाएंगे, ताकि एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर आने-जाने में यात्रियों को सुविधा हो। यात्रियों को प्रदान की जाने वाली आवश्यक सुविधाओं में खान-पान, वॉशरूम, पीने का पानी, एटीएम, इंटरनेट आदि शामिल होंगे ।

इससे आम यात्रियों के साथ वरिष्ठ नागरिक विशेष रूप से लाभान्वित होंगे। विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में पुनर्विकास के उपरांत गया स्टेशन पर रेल यात्रियों के स्टेशन पर आगमन एवं प्रस्थान के लिए अलग-अलग व्यवस्था के तहत आगमन भवन एवं प्रस्थान भवन का निर्माण एवं तीर्थयात्रियों के लिए अलग भवन का निर्माण किया जायेगा ।

स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार ऐसे होंगे, जिससे यात्रियों को भीड़-भाड़ का सामना नहीं करना पड़े। वैसे यहां एस्केलेटर की सुविधा दी गई है।वैसे प्लेटफार्म क्षेत्र और एफओबी का उन्नयन, अतिरिक्त टिकटिंग सुविधा, दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं, ग्रीन ऊर्जा हेतु स्टेशन भवन पर सौर पैनल का प्रावधान, रेन वाटर हार्बेस्टिंग का प्रावधान, वाटर रिसाइक्लिंग प्लांट, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं अग्निशमन आदि की व्यवस्था होगी।

राजस्व देने के मामले में टाॅप टेन में शामिल है बक्सर : हाल हीं में ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने अपने वार्षिक वित्त का लेखा-जोखा देते हुये अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक अपने जोन के 30 ऐसे रेलवे स्टेशनों को चिन्हित किया है जो भारतीय रेलवे को एक मोटे राजस्व कि भरपाई करते हैं।

इस सूची में बक्सर रेलवे स्टेशन भक शामिल था। 2021-22 के वित्तिय सूची के अनुसार बक्सर स्टेशन ने यूटीएस (अनरिजर्व्ड टिकट सिस्टम) अर्थात जेनरल टिकट से 2 करोड़ 92 लाख 37 हज़ार 920 रुपये का आय अर्जित किया है जबकि पीआरएस ( पैसेंजर रिज़र्वेशन सिस्टम) से 64 करोड़ 31 लाख 22 हज़ार 428 रुपये कि आय एकत्रित कर चुका हैं।
यूपी व बिहार के बॉर्डर पर अवस्थित है बक्सर :

बॉर्डर इलाके की वजह से यहां यूपी को जाने वाले हजारों यात्री रोज आवागमन करते हैं। जिसके कारण दिन की कौन कहे देर रात तक यात्रियों की चहल कदमी रहती है। बक्सर रेलवे स्टेशन पर यूपी के बलिया, गाजीपुर, फेफना, रसड़ा, सहतवार, उत्तर बिहार के छपरा, मुजफ्फरपुर, सिवान, गोपालगंज तक के यात्री बक्सर रेलवे स्टेशन पर उतरते हैं, फिर यहां देश के कई राज्यों के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए आते हैं। इस तरह यहां के विकास होने से ना केवल बिहार बल्कि यूपी से जुड़े रेलयात्रियों को भी सुविधा होगी। इसके साथ ही व्यापारियों को भी राहत मिलेगी।